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Sher - e - Khidmat

हम फुल तो नही पर
महकना जानते हैं,
बिना रोये गम भुलाना
       जानते हैं....
लोग खुश होते है हमसे ....
  .......क्यो कि.......
   हम बिना मिले ही
रिश्ते निभाना जानते हैं....!

"ना वोह आ सके ना हम कभी जा सके,
ना दर्द दिल का किसी को सुना सके.
बस बैठे है यादों में उनकी,
ना उन्होंने याद किया और ना हम उनको भुला सके."

ऐसा नहीं है कि
ज़िन्दगी बहुत छोटी है
दरअसल हम जीना ही
बहुत देर से शुरू करते हैं..
                             ��

अलविदा कहेते समय मैंने उस से कहा कोई तो निशानी देदो...

वो मूश्कराकर बोले "जुदाई" काफ़ी है अगर याद कर सको तो..

Really Good One

एहसास के अंदाज बदल जाते हैं,

वरना,,,

आंचल भी उसी धागे से बनता है और कफन भी।।

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